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फसल अवशेष जलाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही

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फसल अवशेष जलाने वालों की निगरानी के निर्देश दिए

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फसल अवशेष जलाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
फसल अवशेष जलाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही

Kisan Post| कनवास उपखण्ड अधिकारी राजेश डागा ने क्षेत्र में फसल अवशेष जलाने वालों की निगरानी रखते हुए फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक करने तथा उल्लंघन करने वाले काश्तकारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उपखण्ड अधिकारी तहसीलदार, विकास अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों, पटवारियों को निर्देश दिए गए कि वे किसानों को अपनी फसल अवशेष को नहीं जलाने दें।

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इसके लिए समझाइश करें और उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने बताया कि कनवास में फायर ब्रिगेड की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, अन्य स्थानों से फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की जाती है। फसल अवशेष जलाने से पड़ोसी काश्तकार की फसल को भी आगजनी का खतरा हो सकता है, पर्यावरण प्रदूषित होता है, सभी जंगली जानवरों, पशु-पक्षियों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा फसल अवशेष जलाने पर वायु प्रदुषण एवं रोकथाम अधिनियम अधिनियम 1981 की धारा 19 (5) के तहत 2 एकड़ तक अवशेष जलाने पर 2500 रुपए जुर्माना तथा 2 से 5 एकड़ तक अवशेष जलाने पर 5000 रुपए के जुर्माने से दंडित करने का प्रावधान कर रखा है। कनवास उपखण्ड अधिकारी ने बुधवार को भ्रमण के दौरान मामोर निवासी किसान नन्दकिशोर को सरसों का अवशेष जलाने का प्रयास करते हुए पाया जाने पर प्रारम्भिक स्तर पर लगी आग बुझाई गई। उन्होंने किसान से शपथ-पत्र लेकर भविष्य में कभी फसल अवशेष को नहीं जलाने के लिए पाबंद किया। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष का अन्य उपयोग करने के लिए कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाकर प्रेरित किया जाता है।



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